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79,000 करोड़ के सैन्य उपकरण खरीदे जाएंगे:राजनाथ

79,000 करोड़ के सैन्य उपकरण खरीदे जाएंगे:राजनाथ

👉नयी रक्षा खरीद नियमावली जारी

👉तीनों सेनाओं की ताकत बढ़ाने का फैसला

👉रक्षा अधिग्रहण परिषद ने दी मंजूरी

नई दिल्ली समाचार

नई दिल्ली (एजेंसी)। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने रक्षा उत्पादों की खरीद प्रक्रिया को सरल बनाने और कार्य प्रणाली में एकरूपता लाने के लिए नयी रक्षा खरीद नियमावली 2025 गुरुवार को जारी कर दी। रक्षा मंत्रालय ने एक वक्तव्य जारी कर कहा कि नई नियमावली प्रक्रियाओं को सरल बनाने के साथ-साथ कार्यप्रणाली में एकरूपता लाएगी और सशस्त्र बलों को संचालन संबंधी तैयारियों के लिए आवश्यक वस्तुओं एवं सेवाओं की आपूर्ति में मदद करेगी। यह नियमावली आगामी एक नवम्बर से लागू होगी और इससे तीनों सेनाओं तथा रक्षा मंत्रालय के अंतर्गत आने वाले अन्य प्रतिष्ठानों द्वारा की जाने वाली लगभग एक लाख करोड़ रुपये की राजस्व खरीद को सुगम बनाएगी। भारत रक्षा क्षेत्र को और अधिक मजबूत बनाने के लिए लगातार प्रयास कर रहा है। इस कड़ी में सरकार ने तीनों सेनाओं की ताकत बढ़ाने के लिए 79,000 करोड़ रुपये के सैन्य उपकरण में निवेश करने का फैसला किया है।रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में आज रक्षा अधिग्रहण परिषद (डीएसी) की बैठक हुई। इस बैठक में वायु, जल और थल सेना की कई खरीद योजनाओं को मंजूरी दी गई। यह मंजूरी सेना के लिए नई मिसाइल प्रणालियों, हाई मोबिलिटी वाहनों, नेवल सरफेस गनों और अन्य उपकरणों की खरीद के लिए दी गई है। रक्षा मंत्री ने नियमावली में संशोधन के लिए रक्षा मंत्रालय और एकीकृत रक्षा स्टाफ मुख्यालय के प्रयासों की सराहना की। के क्षेत्रों में एमएसएमई और स्टार्ट-अप को और अधिक मौका मिलेगा उन्होंने कहा कि इससे रक्षा विनिर्माण और प्रौद्योगिकी के क्षेत्रों में निष्पक्षता, पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित होगी। वित्तीय सलाहकार (रक्षा सेवाएं) डॉ. मयंक शर्मा ने इस अवसर पर रक्षा उत्पाद प्रबंधन (डीपीएम) 2025 का संक्षिप्त विवरण दिया और कहा कि इस नियमावली को तीनों सेनाओं तथा अन्य हितधारकों के साथ गहन परामर्श के बाद तैयार किया गया है। बैठक के बाद-रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि भारतीय सेना के लिए, नाग मिसाइल सिस्टम ग्राउंडबेस्ड मोबाइल सिस्टम और मैटेरियल हैडलिंग क्रेन के साथ हाई मोबिलिटी व्हीकल्स की खरीद को आज मंजूरी दी गई है। ट्रैक्ड दुश्मन के लड़ाकू विमानों, बंकरों और अन्य क्षेत्रीय किलों को नष्ट करने की सेना की क्षमता में सुधार करेगा। 

नौ सेना की और बढ़ेगी ताकत: नौसेना के लिए लैंडिंग प्लेटफ़ॉर्म डॉक्स, 30 नेवल सरफेस गन, एडवांस लाइट वेट टॉरपीडो, इलेक्ट्रो-ऑप्टिकल इन्फ्रारेड सर्च एंड सिस्टम और 76 मिमी सुपर रैपिड गन माउंट के लिए स्मार्ट गोला-बारूद की खरीद को मंजूरी मिली है। लैंडिंग प्लेटफ़ॉर्म डॉक भारतीय नौसेना के लिए संयुक्त जल-थल ऑपरेशन को अंजाम देने में मददगार साबित होगी। इन प्लेटफ़ॉर्मो को शांति अभियानों, मानवीय सहायता और आपदा राहत के लिए भी तैनात किया जा सकता है।एडवांस लाइट वेट टॉरपीडो रक्षा अनुसंधान और विकास संगठन (डीआरडीओ) की विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी प्रयोगशाला द्वारा विकसित एक स्वदेशी सिस्टम है। ये छोटी पनडुब्बियों को निशाना बना सकती है। इस बैठक में वायु सेना के लिए कोलैबोरेटिव लॉन्ग रेंज टारगेट /डिस्ट्रिकाशन सिस्टम के साथ अन्य प्रस्तावों को मंजूरी मिली है

News Express72
Author: News Express72

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