ड्रग्स माफिया के घर पुलिस व आबकारी विभाग की संयुक्त टीम का छाप
◆भारी मात्रा में मादक पदार्थ वी नोटों का जखीरा बरामद
◆स्टेट बैंक से लाई गई मशीनों से सीओ व आबकारी निरीक्षक की मौजूदगी में नोटों की हो रही गिनती
◆करोड़ों के कैश व जेवरात की गिनती का रात भर चलेगी करवाई
◆वादी की शिकायत पर धोखाधड़ी का ड्रग्स माफिया की पत्नी व बेटे पर मुकदमा दर्ज
Newsexpress73
लखनऊ समाचार
प्रतापगढ़।जेल में बंद ड्रग्स माफिया के घर पुलिस व आबकारी विभाग की संयुक्त टीम द्वारा सुबह-सुबह छापेमारी की गई। जहां पर भारी मात्रा में ड्रग्स व नोटों का जखीरा व सोने चांदी के जेवरात बरामद हुआ है। पुलिस उपाधीक्षक व आबकारी निरीक्षक की मौजूदगी में स्टेट बैंक से मंगाई गई मशीनों से नोटों के गिनने का कार्य चल रहा है, जो रात भर जारी रह सकती है।
मानिकपुर नगर व थाना क्षेत्र के मुंदीपुर निवासी राजेश मिश्रा पुत्र राम जी मिश्रा नशे का बहुत बड़ा कारोबारी है। उसके नशे का कारोबार मानिकपुर क्षेत्र ही नहीं बल्कि उसका नेटवर्क प्रदेश के बाहर भी है। कुछ माह पूर्व उसके घर से लाखों रुपए का गांजा बरामद हुआ था। जिसमें वह तो फरार हो गया था परंतु उसकी पत्नी रीना देवी गिरफ्तार होकर जेल की सलाखों के पीछे पहुंच गई। राजेश मिश्रा अभी कुछ दिन पहले न्यायालय में आत्म समर्पण कर दिया था। पत्नी रीना देवी 15 दिन पूर्व जेल से छूट कर बाहर आकर अपने नशे के कारोबार में संलिप्त हो गई। अपने पति राजेश मिश्रा को को भी जेल से बाहर निकलवाने के लिए अपने शातिर दिमाग का उपयोग करते हुए पड़ोसी मुंदीपुर मानिकपुर निवासी राजेंद्र मौर्य पुत्र पुत्र महाजन मौर्य के घर पत्नी रीना देवी व बेटा विनायक मिश्रा बीते 23 अक्टूबर को गए तथा कहा कि अपना आधार कार्ड खतौनी की नकल दे दो तो तुम्हें कॉलोनी स्वीकृत करा दी जाए। राजेंद्र मौर्य मौर्य ने अपनी आधार की फोटो कॉपी हस्ताक्षर युक्त व फोटो दे दिया। उन लोगों ने खेत का नंबर गाटा संख्या 482/2 पूछ कर खतौनी की नकल तहसील से निकलवा लिया। कूट रचित दस्तावेज तैयार कर माफिया डॉन का अधिवक्ता राजेंद्र मौर्य के नाम पर किसी अन्य व्यक्ति को खड़ा कराकर जिला सत्र न्यायलय के एडीजे कोर्ट-2 से जमानत स्वीकृत हो गई। न्यायालय से वेरिफिकेशन के लिए जब रिकॉर्ड मानिकपुर थाना पहुंचा, तो राजेंद्र मौर्य को जमानतदार के तौर पर पुष्टि के लिए बुलाया गया। इसकी जानकारी होने पर उसके पैरों तले जमीन खिसक गई। उसने सारी सच्चाई पुलिस के सामने बताकर रीना देवी व बेटा विनायक के खिलाफ धोखाधड़ी की तहरीर देकर कार्रवाई की मांग की। पुलिस ने दोनों के खिलाफ अभियोग पंजीकृत कर लिया है। 7 नवंबर शुक्रवार को पुलिस ने रात 9:00 बजे राजेश मिश्रा के घर को चारों तरफ से घेरकर पहरा बैठा दिया। शनिवार की सुबह 6:30 बजे पुलिस उपाधीक्षक अमरनाथ गुप्ता, विजय बहादुर सिंह तथा प्रभारी निरीक्षक नरेंद्र सिंह ने भारी पुलिस बल के साथ घर का दरवाजा खुलवाकर प्रवेश किया। पुलिस तो गई थी ड्रग्स माफिया के घर गांजा, चरस, अफीम व अन्य मादक पदार्थों की तलाश में लेकिन वहां नोटों का जखीरा देखकर पुलिस भौचक्की रह गई। तत्काल परियावां स्टेट बैंक से नोट गिनने की दो-तीन मशीन मंगाई गई। जहां पुलिस उपाधीक्षक अमरनाथ गुप्ता व आबकारी निरीक्षक विजय बहादुर सिंह व अन्य अधिकारियों की मौजूदगी में नोटों की व सोने चांदी के जेवरात गिनती कराई जा रही है। समाचार लिखे जाने तक गिनती जारी है। हालांकि किसी को भी अंदर जाने की इजाजत नहीं मिली है। लेकिन कैश करोड़ों में बताया जा रहा है।
फोटो-ड्रग्स माफिया राजेश के घर के बाहर मौजूद पुलिस व अधिकारियों के खड़े वाहन।








