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ईमानदार करदाताओं का जीवन बनाएं आसान

ईमानदार करदाताओं का जीवन बनाएं आसान

👉जीएसटी अधिकारी टेक्नोलॉजी की मदद से प्रक्रिया को सरल बनाने का करें प्रयास

👉जीएसटी में सुधार से रोजगार के अवसर बड़े,आम लोगों को खरीदारी करना हुआ आसान 

नई दिल्ली : वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने शुक्रवार को जीएसटी अधिकारियों से विनम्र रहने और ईमानदार करदाताओं का जीवन आसान बनाने की आवश्यकता पर जोर दिया। हालांकि, उन्होंने बेईमान करदाताओं के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने को भी कहा। उन्होंने कहा कि अगर कोई करदाता गलत काम करता है तो उसे उसे पकड़ने के लिए कानूनी प्रक्रिया के तहत काम करना चाहिए। हालांकि जीएसटी अधिकारियों और कर्मचारियों को सभी करदाताओं को संदेह की दृष्टि से नहीं देखना चाहिए।शुक्रवार को गाजियाबाद में सीजीएसटी भवन के उद्घाटन अवसर पर सीतारमण ने कहा कि सीबीआइसी को इस सोच के साथ काम करना चाहिए कि गलत किया तो खैर नहीं, सही किया तो कोई बैर नहीं। उन्होंने कहा कि टैक्सपेयर्स की आसानी के लिए जीएसटी विभाग को अधिकाधिक टेक्नोलाजी की मदद से प्रक्रिया को सरल बनाने के साथ पारदर्शिता को बढ़ाना चाहिए। विभाग की तरफ से ने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ समय पर की गई कार्रवाई यह दर्शाती है कि करदाता के प्रति किसी के भी अनुचित व्यवहार को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। किसी के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई को लंबा खींचने पर उस अधिकारी की छवि शक के घेरे में आती है खासकर जो ईमानदार अधिकारी है, उन्हें इसके नुकसान होता है। वहीं दी है उनके खिलाफ जल्दी कार्रवाई से राहत मिलती है।

👉एक नवंबर से तीन दिन में होगा पंजीकरण

सीतारमण ने कहा कि जीएसटी काउंसिल की गत बैठक में पंजीयन प्रक्रिया को सरल करने का फैसला किया गया था, जिसके तहत आगामी एक नवंबर से तीन दिनों में जीएसटी पोर्टल पर कारोबारी अपना पंजीयन करा सकेंगे। तीन दिनों में पंजीयन की सुविधा उन कारोबारियों के लिए होगी जो स्व मूल्यांकन के तहत खुद यह घोषित करेंगे कि उनकी टैक्स देनदारी मासिक स्तर पर 2.5 लाख रुपये से अधिक नहीं होगी। दूसरा, अगर आवेदनकर्ता को डाटा के विश्लेषण के आधार पर जीएसटी प्रणाली उन्हें पहचान लेती है तो उनका पंजीयन भी तीन दिनों में हो जाएगा। इस सुविधा से 96 प्रतिशत नए आवेदकों को पंजीयन कराना आसान हो जाएगा।

बार-बार आने वाली समस्याओं का मूल कारण पता करें अधिकारी

सीतारमण ने अधिकारियों से केंद्रीय जीएसटी (सीजीएसटी) क्षेत्रों में बार-बार पेश होने वाली समस्याओं का पता लगाने और उसके ‘मूल कारण’ तक पहुंचने को भी कहा। विभागीय अधिकारियों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्यवाही के मुद्दे पर मंत्री ने कहा कि ऐसी कार्यवाही का शीघ्र निपटारा संगठन के भीतर जवाबदेही को मजबूत करता है। सीतारमण ने कहा कि लंबित जीएसटी जांचों को शीघ्रता से, तर्कपूर्ण और साक्ष्य-आधारित गुणवत्तापूर्ण आदेशों के साथ पूरा किया जाना चाहिए और मुकदमेबाजी की लागत को कम करना चाहिए।

News Express72
Author: News Express72

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