दशहरा मेला का पूर्व मंत्री मोती सिंह ने फीता काटकर शुभारंभ किया गया

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लखनऊ समाचार
ऐसे आयोजन धार्मिक और सामाजिक एकता को बढ़ावा देते हैं -मोती सिंह
प्रतापगढ़।पट्टी तहसील मुख्यालय पर लगने वाले तीन दिवसीय ऐतिहासिक दशहरा मेला का वैदिक मंत्रोच्चार एवं शंख ध्वनि के बीच पूर्व मंत्री राजेंद्र प्रताप सिंह मोती सिंह के साथ एसडीएम पूर्णेंदु मिश्र, सीओ मनोज कुमार सिंह रघुवंशी ने संयुक्त रूप से फीता काटकर उद्घाटन किया। इस मौके पर पूर्व मंत्री ने कहा कि पट्टी का ऐतिहासिक दशहरा मेला इस वर्ष अपना 116 वां उत्सव मना रहा है। इससे नगर निवासियों के साथ क्षेत्र के लोगों में उल्लास है। इस तरह का आयोजन से समाज में धार्मिक और सामाजिक एकता को बढ़ावा मिलता है। एसडीएम पूर्णेंदु मिश्र ने कहा कि मेला समाज के लोगों के समागम का एक बेहतर माध्यम है। इस आयोजन के माध्यम से लोग अपनी सांस्कृतिक विरासत को पहचानते हैं। सीओ मनोज सिंह रघुवंशी ने मेला के सफल आयोजन के लिए बेहतर सुरक्षा व्यवस्था का भरोसा दिया।इसके पूर्व समिति के अध्यक्ष जुग्गी लाल जायसवाल, प्रबंधक सुरेश कुमार जायसवाल, उपाध्यक्ष रामचंद्र जायसवाल, राम प्रकाश जायसवाल, उपाध्यक्ष अवधेश सिंह सहित कमेटी के अन्य पदाधिकारी व सदस्यों ने माल्यार्पण कर स्वागत किया। पूजन कार्यक्रम कमेटी के पुरोहित पंडित श्याम शंकर दुबे ने संपन्न कराया। संचालन कमेटी के सह प्रबंधक रामचरित्र वर्मा ने किया।इस मौके पर नगर पंचायत अध्यक्ष अशोक कुमार जायसवाल, तहसीलदार पवन कुमार सिंह, राम प्रकाश जायसवाल, बुदुल सिंह, रामचंद्र जायसवाल, अखिलेश जायसवाल, अवधेश सिंह सहित अन्य लोग मौजूद रहे।
👉बैंड बाजे डीजे और रथ के साथ निकली भगवान राम की भव्य शोभायात्रा
👉कस्बे के चौक पर छत से महिलाओं ने की पुष्प वर्षा
प्रतापगढ़।पट्टी के तीन दिवसीय दशहरा मेला के प्रथम दिन भगवान राम की शोभायात्रा गाजे-बाजे के साथ भक्ति संगीत की धूनों के बीच हर्षोल्लास के साथ पट्टी नगर में निकाली गई। भगवान राम की सेना जब रावण का वध करने चली तो लोग खुशी से झूम उठे और रास्ते में पुष्प वर्षा कर इसका स्वागत किया। इसके पूर्व शोभा यात्रा चमन चौराहे से प्रारंभ की गई। जहां पर श्री रामलीला समिति के अध्यक्ष जुग्गी लाल जायसवाल सहित अन्य ने भगवान राम सहित अन्य की आरती उतार कर शोभा यात्रा को रवाना कियाशोभा यात्रा रायपुर रोड से चौक होते हुए ढकवा मोड़ चौराहा पेट्रोल पंप से होकर पुनः वापस बाईपास होते हुए हनुमान मंदिर पहुंची। वहां पर हनुमान मंदिर में दर्शन पूजन के उपरांत शोभायात्रा मुख्य मार्ग से होती हुई चौक होकर मेला मैदान में पहुंची। शोभायात्रा के नगर भ्रमण के दौरान राम चरित्र वर्मा, रजनी वर्मा, रमेश चंद्र जायसवाल, नगर पंचायत अध्यक्ष अशोक कुमार जायसवाल, नंदलाल जायसवाल सहित अन्य नगर निवासियों ने पुष्प वर्षा की और भगवान श्रीराम व माता जानकी की आरती उतारकर जय श्री राम के नारों का उद्घोष किया। शाम को मेला मैदान में भगवान राम व रावण के बीच युद्ध हुआ। गोला व पटाखा की आवाज के बीच पलक झपकते ही आतताई रावण का वध हुआ तो लोग सिया बलि रामचंद्र की जय का उद्घोष करने लगे। इस दौरान पूरे मेला क्षेत्र में हर्ष और उल्लास का नजारा दिखलाई पड़ा। इस पल को निहारने के लिए बड़ी संख्या में क्षेत्र के लोग मेला मैदान में मौजूद रहे। भक्ति संगीत के बीच आरती की धुन में लोगों का मन मोह लिया।बाद में भगवान श्री राम के साथ माता जानकी की आरती एसडीएम पूर्णेंदु मिश्र, सीओ मनोज कुमार सिंह रघुवंशी, सहित अन्य प्रशासनिक व पुलिस अधिकारियों ने उतारी। इसके बाद प्रथम दिन के मेले का समापन हो गया। संचालन रामचरित्र वर्मा ने किया।इस मौके पर सह प्रबंधक रमेश सोनी, प्रमोद खंडेलवाल, अनिल खंडेलवाल, आशीष तिवारी, घनश्याम घायल, पंकज खंडेलवाल, राजकुमार मोदनवाल, चंद्रकेश सिंह, बुदुल सिंह, लाल सिंह, मृत्युंजय सिंह सहित अन्य पदाधिकारी व सदस्य मौजूद रहे।
👉पूर्व मंत्री मोती सिंह ने रामलीला समिति और प्रशासन के बीच बैठाया सामंजस्य
पट्टी के तीन दिवसीय दशहरे मेले की शुरुआत पर ही मेले का आयोजन पर संकट के बादल छा गए थे। पट्टी कोतवाल द्वारा एक व्यापारी को बूट की ठोकर मारने से मामला बिगड़ गया और तूल पकड़ लिया। शनिवार की देर रात पट्टी पहुंचे पूर्व मंत्री मोती सिंह श्री रामलीला समिति के पदाधिकारियों के लेकर ए एसपी पूर्वी शैलेंद्र लाल, एसडीएम पूर्णेन्दु मिश्र, सीओ मनोज रघुवंशी, तहसीलदार पवन सिंह के साथ ब्लॉक स्थित को कार्यालय पर बैठकर प्रशासन और रामलीला समिति के बीच में सामंजस्य कायम करने का प्रयास किया। इस दौरान यह तय हुआ कि पूरे मेले के दौरान पट्टी कोतवाल अभिषेक सिरोही मेला परिसर में प्रवेश नहीं करेंगे। मेला परिसर में ही एक अस्थाई पुलिस थाना खुलेगा। जिसमें पर्याप्त पुलिस बल रामलीला समिति के सहयोग के लिए उपस्थित होगा। इसके अलावा कोतवाल के कृत्य की निंदा करते हुए उन्होंने शीघ्र ही कोतवाल के विरुद्ध शासन स्तर पर कार्रवाई करने का भरोसा रामलीला समिति के पदाधिकारी को देखकर मामले का पटाक्षेप कर दिया। तब जाकर कहीं प्रशासन ने राहत की सांस ली अन्यथा रामलीला समिति के साथ प्रशासनिक की अधिकारियों की बैठक पूरी तरह फेल हो चुकी थी। और रामलीला समिति बैठक का बहिष्कार करो वापस लौट आई थी। रामलीला समिति ने मेले को संपन्न नहीं करने का निर्णय लेते हुए सारे कार्यक्रम भरत मिलाप, रावण दहन, शोभा यात्रा सब स्थगित कर दिया था।








