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मेले के दूसरे दिन मेला परिसर में रही महिलाओं की भीड़

मेले के दूसरे दिन मेला परिसर में रही महिलाओं की भीड़

👉खरीदारी करते नजर आए लोग, मनोरंजन स्टॉल भी है मेले में

Newsexpress72

लखनऊ समाचार

प्रतापगढ़।पट्टी तहसील मुख्यालय पर लगने वाले तीन दिवसीय ऐतिहासिक दशहरे में लेकर दूसरे दिन मेले में भीड़ नजर आई इस दौरान महिलाएं जहां खरीददारी करती नजर आई वही बच्चे झूले मिकी माउस समेत अन्य मनोरंजन स्थलों पर मस्ती करते दिखे। मेले में काला जादू मौत का कुआं समेत हवाई झूला समेत विभिन्न स्टाल लगे हुए हैं। यह ऐतिहासिक दशहरा मेला सांप्रदायिक सौहार्द की अनूठी मिसाल है। यह मेला सभी को भावनात्मक रूप से जोड़ता है ।116 साल पुराने इस मेले की विविधता आपसी समरसता सद्भाव लोगों के दिलों पर एक अमिट छाप छोड़ता है। यही वजह रही की प्रेम और समरसता का पाठ पढ़ाने वाले इस मेले की उम्र के साथ रौनक भी बढ़ती गई और इसको चाहने वाले लोग भी जुड़ते चले गए। स्वादिष्ट, लजीज व्यंजनों के साथ ही मेले में घर गृहस्ती के सारे सामानों के अलावा बच्चों के मनोरंजन के झूले, सर्कस, लकड़ी के सामान सब कुछ मिलेगा। यह मेला तनावपूर्ण होते रिश्तों के दौर में आपसी सद्भाव और एकता का बड़ा संदेश भी देता है। मेले की आयोजन समिति में मुस्लिम समुदाय के लोगों की भागीदारी यहां की गंगा, जमुनी, तहजीब को दर्शाती है। कई जनपदों से दुकानदार यहां के आपसी भाईचारे और सौहार्द को देखकर कहते हैं की पट्टी के मेले ने लोगों को मिलजुल कर रहना सिखाया यह कहना समीचीन होगा कि पट्टी का मेला दिलों का मेला है। पट्टी के ऐतिहासिक दशहरे मेले की शुरुआत पुलिसकर्मी सेवाराम ने की थी। उनके दिल में इस मेले की संकल्पना सोच भाईचारे का भाव ऐसा बना कि आज भी उनके इस अटूट प्रयास को लोग याद करते हैं। जब भी इस मेले की शुरुआत होती है उनका नाम लोगों की जुबान पर आ ही जाता है। रिश्तो की मजबूत डोर ने आज भी उनके इस कार्य को सहेज कर रखा है। यह मेला विविधताओं से भरा हुआ है। प्रतापगढ़ के अलावा प्रयागराज, कानपुर, बनारस, जौनपुर, बस्ती, सहारनपुर, गोंडा, उन्नाव, फैजाबाद सहित अन्य जनपदों के व्यापारी यहां व्यवसाय करने आते हैं। मेला समिति का सहयोगी रवैया दुकानदारों में सुरक्षा का भाव पैदा करता है। यहां के दुकानदार कहते हैं की कई जगहों पर हम लोग गए लेकिन इस मेले जैसी व्यवस्था कहीं नहीं मिली। रामलीला कमेटी द्वारा सुरक्षा सहयोग सराहनीय रहता है।दुकानदार कहते हैं कि हमें लगता है कि हम अपने घर में हैं ।वर्तमान समय में पूरा मेला अब अपनी आकर्षक साज सज्जा से पूरी तरह से सज गया है। रंग-बिरंगे पंडाल मेल को भव्यता प्रदान कर रहे हैं। कपड़े, सौंदर्य प्रसाधन, लकड़ी के दुकानदारों की भीड़ यहां बढ़ रही है।

👉पट्टी के ऐतिहासिक दशहरे मेले को सकुशल संपन्न करने के लिए समिति के पदाधिकारी के अलावा कस्बे के हिंदू मुस्लिम राजनीतिक दल, अधिवक्ता सभी का सहयोग बेमिसाल है। मेले के सौहार्द को कायम रखने के लिए मेला समिति जी जान से जुटी रहती है ।प्रदेश के पूर्व कैबिनेट मंत्री मोती सिंह इस मेले का उद्घाटन कर मेला समिति को मजबूती प्रदान करते हैं । इस मेले के आकर्षण के रूप में भारत मिलाप की व्यवस्था रहती है ।रामलीला समिति इस मौके पर आकर्षक चौकिया निकालती है ।भरत दल, हनुमान दल, शिव दल, जय संतोषी माता दल, कृष्ण दल, सहित तमाम आकर्षक दल और झांकियां इस मेले की रौनक को चार चांद लगाती है। मेले को सकुशल संपन्न करने के लिए रामलीला समिति के अध्यक्ष जुग्गी लाल जायसवाल, रामचरित्र वर्मा, अशोक श्रीवास्तव और उनकी पूरी टीम योजनाबद्ध तरीके से मेले को सफलता की ओर ले जाते हैं।

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Author: News Express72

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