संस्कृत महाविद्यालय को हड़पने के प्रयास पर दस लोगों के विरुद्ध एफआईआर
👉प्रबंधक ने पुलिस से मांगी सुरक्षा और कार्रवाई
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लखनऊ समाचार
प्रतापगढ़।पट्टी इलाके के गौरमाफी स्थितआदर्श मुनिश्वर संस्कृत महाविद्यालय जो सोसायटी रजिस्ट्रेशन एक्ट के तहत पंजीकृत है। उसे हड़पने के लिए दस लोगों द्वारा को फर्जी दस्तावेज तैयार कराए गए हैं।अवैध रूप से कब्ज़ा करने का मामला आने पर संस्था के प्रबंधक उमेश चन्द्र पाण्डेय ने आसपुर देवसराय थाने पर 10 लोगों के विरुद्ध जलसा की धोखाधड़ी समेत विभिन्न धाराओं में एफआईआर दर्ज कराई है।प्रबंधक द्वारा एसपी प्रतापगढ़ को शिकायती पत्र देकर बताया गया कि उनकी मूल संस्था संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय, वाराणसी से स्थायी मान्यता प्राप्त है। तीन विद्यालयों – आदर्श श्री मुनिश्वर संस्कृत महाविद्यालय, आदर्श श्री मुनिश्वर संस्कृत उमा विद्यालय, और प्राथमिक अनुभाग – का संचालन किया जाता है। वह स्वयं वर्ष 2004 से निरंतर प्रबंधक पद पर कार्यरत हैं।अंकुर कुमार पाण्डेय निवासी गौरा माफी ,सूर्यभान सिंह निवासी बैजलपुर, सुनील कुमार उपाध्याय निवासी सुजिया मऊ जौनपुर, राहुल पाण्डेय निवासी गौरामाफी, अजय शंकर दुबे अमावा कला बसौली जौनपुर, फहीम हुसैन तखतपुर अल्लाह उर्फ ननकार संभल मुरादाबाद, सुभाष चन्द्र मिश्र व चन्दन मिश्र निवासी सोनपुरा तथा रोहित कुमार सिंह मानापुर द्वारा कुछ व्यक्तियों के साथ मिलकर खड्यंत्र पूर्वक कूट रचित दस्तावेजों के आगे और पर इस संस्था से मिलते जुलते नाम की एक नई संस्था पंजीकृत कराई। अंकुर पांडे द्वारा खुद को प्रबंधक बढ़ाकर तीन सितंबर 2025 को 50-60 लोगों के साथ विद्यालय परिसर में अनाधिकृत रूप से बैठक करने लगे और मना करने पर मारपीट हुआ धमकी दी। प्रकरण में जिला विद्यालय निरीक्षक द्वारा दोनों पक्षों को कार्यालय में बुलाया और प्रकरण की सुनवाई की उन्होंने तीनों विद्यालयों का प्रबंधन मुझे मानते हुए अन्य सारे लोगों को संस्था को हथियाना की मंशा से धोखाधड़ी जालसाजी का दोषी माना है। एसपी के आदेश पर आसपुर देवसरा पुलिस ने सभी नामजद आरोपियों के विरुद्ध जालसाजी, धोखाधड़ी, मारपीट, गाली व धमकी समेत विभिन्न गंभीर धाराओं में एफआईआर दर्ज कर ली है ।








